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असम राइफल्स ने म्यांमार के उग्रवादी समूह से मणिपुर की अपहृत महिला को मुक्त कराया

असम राइफल्स ने मणिपुर की एक महिला को म्यांमार स्थित उग्रवादी समूह से सुरक्षित छुड़ाया। उसे चिकित्सा और मानसिक सहायता भी प्रदान की गई।

असम राइफल्स ने एक सफल अभियान के तहत मणिपुर की एक महिला को म्यांमार स्थित उग्रवादी समूह के कब्जे से सुरक्षित छुड़ा लिया है। यह कार्रवाई 9 मई 2026 को की गई, जब सुरक्षा बलों ने त्वरित और समन्वित ऑपरेशन चलाया।

यह महिला 7 मई को मणिपुर के कांगपोकपी जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित तंगखुल नागा गांवों पर हुए तड़के हमले के दौरान किडनैप कर ली गई थी। इस हमले में कथित रूप से कूकी नेशनल आर्मी-बरमा (केएनए-बी) और “विलेज वालंटियर्स ईस्टर्न ज़ोन” के सदस्य शामिल थे।

असम राइफल्स के अनुसार, सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी के आधार पर महिला की लोकेशन का पता चला और उसके बाद एक विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान के दौरान महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया और भारतीय सीमा में वापस लाया गया।

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असम राइफल्स ने बताया कि रिहाई के बाद महिला को तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई और उसके मानसिक स्वास्थ्य को देखते हुए काउंसलिंग भी प्रदान की गई। फिलहाल उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और आगे की प्रक्रिया जारी है।

यह घटना भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी गतिविधियों और सुरक्षा चुनौतियों को फिर से उजागर करती है। लगातार चल रहे ऐसे हमलों से स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना रहता है।

असम राइफल्स ने इस सफल अभियान को सीमा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया है। सुरक्षा बलों ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए इस तरह के ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे।

स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अब इस घटना में शामिल उग्रवादी समूहों की पहचान और कार्रवाई को लेकर जांच तेज कर रही हैं।

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