2026 विधानसभा चुनाव: बंगाल में सीएम चेहरे पर नजरें, तमिलनाडु में सस्पेंस बरकरार
बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद मुख्यमंत्री चेहरे पर नजरें टिकी हैं, जबकि तमिलनाडु में टीवीके के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बहुमत न मिलने से सरकार गठन पर सस्पेंस बना हुआ है।
2026 के विधानसभा चुनावों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल लंबे शासन का अंत कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
भवानीपुर सीट से बड़ी जीत दर्ज करने वाले सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने इस सीट पर ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया है।
दूसरी ओर, तमिलनाडु में स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कज़गम (टीवीके) ने 100 से अधिक सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई। ऐसे में राज्य में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है और संभावित गठबंधनों पर चर्चा तेज हो गई है।
असम में बीजेपी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए अपनी सत्ता बरकरार रखी है, जबकि केरल में कांग्रेस ने वापसी के संकेत दिए हैं।
अप्रैल में हुए इन चुनावों के परिणामों में कुछ अनुमानित तो कुछ चौंकाने वाले रहे। तमिलनाडु में टीवीके के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन इसकी सफलता का स्तर एग्जिट पोल के बाद ही स्पष्ट हुआ। वहीं बंगाल में बीजेपी की जीत को बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। नरेंद्र मोदी, जवाहरलाल नेहरू के बाद ऐसे पहले प्रधानमंत्री बने हैं जिन्होंने राज्य में इस तरह की जीत दर्ज की है।
इन चुनावों में दो मौजूदा मुख्यमंत्री—ममता बनर्जी और एमके स्टालिन—को न केवल सत्ता गंवानी पड़ी, बल्कि वे अपनी-अपनी सीटें भी हार गए।
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