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शिमला में आत्मनिर्भर यात्रा कार्यशाला का आयोजन, हिमाचल के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

शिमला में आयोजित 'आत्मनिर्भर यात्रा' कार्यशाला में स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिमाचल के नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्टे) ने भारत सरकार के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) के सहयोग से सोमवार को शिमला में 'आत्मनिर्भर यात्रा – हिमाचल चैप्टर' शीर्षक से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और तकनीक आधारित उद्यमों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था।

कार्यशाला में स्टार्टअप संस्थापकों, शोधकर्ताओं, युवा उद्यमियों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार, वित्तीय सहायता, अनुसंधान के व्यावसायीकरण और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कृषि, बागवानी, पर्यटन, जैव प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप के लिए अपार संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

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कार्यशाला के दौरान आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत तकनीकी विकास, अनुसंधान और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि नवाचार आधारित उद्यम ही भविष्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बन सकते हैं और इसके लिए सरकार, शैक्षणिक संस्थानों तथा निजी क्षेत्र के बीच सहयोग आवश्यक है।

इस अवसर पर प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड की विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं, अनुदान कार्यक्रमों और स्टार्टअप सहायता तंत्र की भी जानकारी साझा की गई। प्रतिभागियों को यह बताया गया कि किस प्रकार नवाचार आधारित परियोजनाओं को सरकारी सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।

आयोजकों ने कहा कि इस तरह की पहल से हिमाचल प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं को अपने नवाचारों को व्यवसाय में बदलने का अवसर मिलेगा। साथ ही राज्य में तकनीकी उद्यमिता को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।

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