प्रभाव यात्रियों पर नहीं पड़ना चाहिए: पश्चिम एशिया संकट के बीच विमानन मंत्री राम मोहन नायडू
पश्चिम एशिया संकट के बीच विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इसका असर हवाई यात्रियों पर नहीं पड़ेगा और उड़ान संचालन पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष के बीच, केंद्रीय विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि इस संकट का असर हवाई यात्रियों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने एयरलाइन कंपनियों और हवाई अड्डा प्रबंधन को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और समयबद्ध उड़ान संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
मंत्री ने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तेल संकट के बावजूद हवाई किराया यात्रियों के लिए स्थिर रखा जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विमानन क्षेत्र के परिचालन और प्रबंधन में ऐसी रणनीतियाँ अपनाई जा रही हैं कि कोई भी अनावश्यक बोझ या वित्तीय दबाव आम यात्रियों पर न पड़े।
राम मोहन नायडू ने बताया कि मंत्रालय नियमित रूप से एयरलाइन ऑपरेटरों और हवाई अड्डा प्रबंधन से संपर्क में है और उड़ानों की संख्या, समय-सारिणी और परिचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर रहा है। “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यात्रियों की सुविधा बाधित न हो और सभी उड़ानें सुरक्षित रूप से संचालित हों”।
इसके अलावा, मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के विमानन हितों की सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत के नागरिक और भारतीय एयरलाइंस किसी भी प्रकार की कठिनाई या जोखिम का सामना नहीं करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्ट एशिया संकट के कारण ईंधन की कीमतों और उड़ानों के संचालन पर असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार ने यात्रियों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त दबाव या आर्थिक भार डालने से बचने के लिए ठोस उपाय किए हैं।
और पढ़ें: एयर इंडिया ने पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन अधिभार बढ़ाया, टिकटों में होगी बढ़ोतरी