अयोध्या मेडिकल कॉलेज में बम बनाने की जानकारी वाला नोट मिलने के बाद प्रथम वर्ष का छात्र गिरफ्तार, जांच जारी
अयोध्या के राजर्षि दशरथ स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में बम बनाने से जुड़ा हस्तलिखित नोट मिलने के बाद मेडिकल छात्र सरफराज खान को हिरासत में लिया गया, जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बम बनाने से जुड़ा संदिग्ध दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस ने एक मेडिकल छात्र को हिरासत में लिया है। यह नोट राजर्षि दशरथ स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, अयोध्या के एक्स-रे कक्ष से बरामद हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार छात्र की पहचान सरफराज खान के रूप में हुई है। वह वर्ष 2025 बैच के एक्स-रे टेक्नीशियन पाठ्यक्रम का प्रथम वर्ष का छात्र है और बलरामपुर का रहने वाला है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह कुछ छात्रों ने एक्स-रे रूम में एक हस्तलिखित नोट देखा, जिसमें बम बनाने के लिए आवश्यक सामग्री और प्रक्रिया से जुड़ी बातें लिखी थीं। नोट में अमोनियम कार्बोनेट, गेज वायर, रेड सल्फाइड सहित कुछ अन्य वस्तुओं का उल्लेख किया गया था।
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छात्रों ने इसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन को दी, जिसके बाद नोट को कॉलेज अधिकारियों ने पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने दस्तावेज के आधार पर सरफराज खान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
महाविद्यालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि सुबह ड्यूटी के लिए पहुंचे छात्रों को एक्स-रे कक्ष में यह संदिग्ध नोट मिला था। छात्रों ने इसकी जानकारी अपने सुपरवाइजर को दी, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन को सूचना दी गई और पुलिस को बुलाया गया।
इस घटना के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। मामले की तुलना पिछले वर्ष दिल्ली के लाल किला विस्फोट मामले से की जा रही है, जिसमें जांच एजेंसियों ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था।
लाल किला विस्फोट मामले में एजेंसियों ने विश्वविद्यालय से जुड़े तीन डॉक्टरों की भूमिका की जांच की थी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को कथित जालसाजी मामले में गिरफ्तार किया गया था।
फिलहाल अयोध्या मामले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नोट किसने लिखा और इसका उद्देश्य क्या था। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।