बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग की जांच के लिए उत्तराखंड सरकार ने गठित की तीन सदस्यीय समिति
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए उत्तराखंड सरकार ने तीन सदस्यीय समिति बनाई है। एक मंदिर कर्मचारी को प्रारंभिक जांच के बाद निलंबित किया गया।
उत्तराखंड सरकार ने बद्रीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित दुरुपयोग तथा अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप करेंगे। समिति मौके पर जाकर जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
यह मामला बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद चर्चा में आया। जिसके बाद जांच की मांग तेज हो गई थी।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच शुरू होने के बाद समिति के एक कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितता के संकेत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। नौटियाल मंदिर समिति में निजी सचिव के पद पर कार्यरत थे।
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बीकेटीसी एक वैधानिक संस्था है, जो बद्रीनाथ मंदिर समेत उत्तराखंड के कई प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के प्रबंधन का काम संभालती है। हेमंत द्विवेदी ने कहा कि संस्था भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। यदि जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार की ओर से गठित समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट और सुझाव सौंपने होंगे। पर्यटन सचिव धीरज सिंह गबर्याल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
इससे पहले बीकेटीसी ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी, जिसमें वित्त नियंत्रक हेम कंडपाल, कानूनी अधिकारी एसएस बर्तवाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी और केदारनाथ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण शामिल थे। समिति ने सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों के बयान और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू की।
सीसीटीवी कैमरे बदले जाने को लेकर भी सवाल उठे थे, लेकिन बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा था और पुराने डीवीआर का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है।
मामले को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच या विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच कराने की मांग की है।
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