बद्रीनाथ धाम दान चोरी मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार, 18 जुलाई को कोर्ट में पेशी
उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम दान घोटाला मामले में एसआईटी ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया। उन्हें 18 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा। जांच जारी है।
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम मंदिर में कथित दान गबन मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, चौहान को करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। वह इस मामले के प्रमुख संदिग्धों में शामिल हैं और उन्हें शनिवार 18 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा।
यह कार्रवाई श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट सौंपे जाने के एक दिन बाद हुई है। समिति ने अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट में दान राशि की गिनती प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई सुझाव दिए हैं।
जांच समिति ने सुझाव दिया है कि दान की गिनती के दौरान ड्रेस कोड लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा, जिन स्थानों पर अभी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, वहां निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए कैमरे लगाए जाने की सिफारिश की गई है। गिनती केंद्र में भी सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है।
और पढ़ें: उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जागेश्वर धाम में वार्षिक श्रावणी मेले का किया शुभारंभ
बीकेटीसी ने समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है। नौटियाल के खिलाफ पहले ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वह बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के कार्यालय में निजी सहायक के पद पर कार्यरत थे।
प्रमोद नौटियाल भी एसआईटी की जांच के दायरे में हैं। चमोली के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मदन सिंह के नेतृत्व में एसआईटी मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नौटियाल की कथित संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है। साथ ही पहले डिलीट किए गए सीसीटीवी फुटेज को भी बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
बीकेटीसी के कोषाध्यक्ष संदेश मेहता का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह केदार सिंह को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बद्रीनाथ धाम दान मामले को लेकर उत्तराखंड में राजनीतिक विवाद भी बढ़ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए इसे गंभीर अपराध बताया है।
वहीं, कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में चोरी और कीमती आभूषणों व चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले की जांच अभी जारी है।