पहलगाम आतंकी हमले के बाद बैसरन घाटी तक बनेगी मोटर योग्य सड़क, 6.09 करोड़ रुपये होंगे खर्च
पहलगाम की बैसरन घाटी को सर्किट रोड से जोड़ने के लिए 6.09 करोड़ रुपये की मोटर योग्य सड़क बनाई जाएगी। इससे पर्यटन, स्थानीय संपर्क और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की प्रसिद्ध बैसरन घाटी को जल्द ही मोटर योग्य सड़क की सुविधा मिलने जा रही है। लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित इस खूबसूरत पर्यटन स्थल को सर्किट रोड से जोड़ने के लिए 6.09 करोड़ रुपये की लागत से सड़क का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के लिए धनराशि राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से उपलब्ध कराई जा रही है।
बैसरन को कश्मीर का ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ भी कहा जाता है। यहां पहुंचने के लिए फिलहाल पर्यटकों को करीब चार किलोमीटर का रास्ता पैदल तय करना पड़ता है या टट्टुओं का सहारा लेना पड़ता है। नई सड़क बनने के बाद पर्यटकों को घाटी तक पहुंचने का एक और विकल्प मिलेगा।
परियोजना की आधारशिला पहलगाम के विधायक अल्ताफ अहमद वानी ने रखी। सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग के सड़क एवं भवन विभाग द्वारा किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इसे पूरा होने में करीब दो से तीन साल लग सकते हैं।
सड़क बनने के बावजूद बैसरन जाने वाला पैदल मार्ग बंद नहीं किया जाएगा। टट्टू संचालक भी पहले की तरह अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। इससे पर्यटकों के पास पैदल, टट्टू या वाहन से पहुंचने के विकल्प मौजूद रहेंगे।
इस परियोजना का महत्व 22 अप्रैल 2025 के बैसरन आतंकी हमले के बाद और बढ़ गया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। स्थानीय विधायक ने कहा कि सड़क बनने से पर्यटकों को आसानी से निकालने के साथ-साथ सुरक्षा बलों और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी बेहतर होगी।
उन्होंने कहा कि हमले के दौरान सड़क संपर्क नहीं होने के कारण सुरक्षा बलों को घटनास्थल तक पहुंचने और लोगों को सुरक्षित निकालने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
नई सड़क से बैसरन के अलावा अरु घाटी, बेताब घाटी और चंदनवाड़ी जैसे पर्यटन स्थलों तक संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय टैक्सी संचालकों, पर्यटन कारोबार और अन्य व्यवसायों को भी लाभ मिल सकता है।
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