मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ रहे लोगों पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने किया हमला
अहमदाबाद में मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ने जुटे नागरिक समाज के लोगों पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हमला किया। घटना के बाद विवाद बढ़ गया।
अहमदाबाद में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ रहे नागरिक समाज के लोगों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। वस्त्रापुर स्थित एक गार्डन में कुछ लोग मलाला की किताब पढ़ने के लिए जुटे थे। इसी दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और समूह का विरोध किया।
बताया गया कि कुछ सप्ताह पहले अहमदाबाद के एक स्कूल में छात्रों को मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ने के लिए दी गई थी। बजरंग दल के सदस्यों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उन्होंने मलाला के कश्मीर मुद्दे पर पूर्व में दिए गए रुख को भारत विरोधी बताते हुए आपत्ति जताई थी। विवाद को देखते हुए स्कूल ने किताब को पाठ्यक्रम से हटाने और उसके अध्ययन पर रोक लगाने का फैसला किया था।
इसके बाद कांग्रेस नेता पार्थिवसिंह कठवाड़िया सहित नागरिक समाज के कई लोग और स्थानीय नेता वस्त्रापुर के एयूडीए गार्डन में एकत्र हुए। उनका कहना था कि किताब को स्कूल के पाठ्यक्रम में दोबारा शामिल किया जाना चाहिए।
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बजरंग दल कार्यकर्ताओं को जब इस आयोजन की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे और किताब पढ़ने का विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ने के बाद कथित तौर पर कुछ लोगों के साथ मारपीट की गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने कई कार्यकर्ताओं को रोक लिया।
नागरिक समाज के सदस्यों ने कहा कि भारत में हर व्यक्ति को किताब पढ़ने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि वहां केवल मलाला की किताब ही नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अन्य लेखकों की किताबें भी रखी गई थीं, जिन्हें लोग पढ़ रहे थे। घटना ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और किताबों के चयन को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।
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