बांग्लादेश में चुनाव से पहले हिंसा का साया, 127 मिलियन मतदाता करेंगे मतदान
बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय चुनाव से पहले हिंसा ने चिंता बढ़ाई। झड़पों में 65 घायल और कई नेताओं की मौत। मतदान 12 फरवरी को होने वाला है।
बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय चुनाव से पहले हिंसा ने चुनावी प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस चुनाव में लगभग 127 मिलियन मतदाता हिस्सा लेने वाले हैं। ये चुनाव देश में हाशिना सरकार के अंतरिम शासन से निर्वाचित प्रशासन तक शांतिपूर्ण संक्रमण की उम्मीद जगाते हैं, लेकिन चुनाव से पहले हुई हिंसा ने स्थिति को जटिल बना दिया है।
28 जनवरी को शेरपुर जिले के झेनाईगाटी उपजिला में एक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी समर्थकों के बीच सामने वाली सीटिंग को लेकर विवाद हुआ। इस दौरान हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें कम से कम 65 लोग घायल हुए और जमात उपजिला सचिव की हत्या कर दी गई। पुलिस और सेना के अधिकारी मौजूद थे, लेकिन वे हिंसा को रोकने में सफल नहीं हो सके।
देशभर से चुनाव से पहले कई संघर्षों और झड़पों की रिपोर्टें सामने आई हैं। यह चुनाव 12 फरवरी को होना है और यह अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हाशिना के सत्ता से हटाए जाने के बाद पहला चुनाव है।
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चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर 2025 को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसके बाद 36 दिनों में कम से कम 15 राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत हुई है। यह स्थिति चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा और निष्पक्षता के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनाव से पहले हिंसा मतदाताओं में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर सकती है। साथ ही राजनीतिक दलों और सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बढ़ा देती है कि वे मतदान की प्रक्रिया को सुरक्षित और स्वतंत्र बनाए रखें।
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