11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल, पांच दिन की बैंकिंग समेत कई मांगों को लेकर यूनियनों का विरोध
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने पांच दिन की बैंकिंग, पीएलआई और पेंशन संबंधी मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।
बैंकिंग सेवाओं से जुड़े ग्राहकों के लिए सितंबर का महीना परेशानी भरा हो सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। संगठन में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की नौ प्रमुख यूनियनें शामिल हैं।
यूनियनों का आरोप है कि उनकी महत्वपूर्ण मांगों पर सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से लंबे समय से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनकी प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन यानी परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) में बदलाव और पेंशन से जुड़े मुद्दों का समाधान शामिल है।
पांच दिन की बैंकिंग सबसे प्रमुख मांग
बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग सप्ताह में केवल पांच दिन बैंक खोलने की है। इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक बैंक काम करें और शनिवार-रविवार अवकाश रहे। यूनियनों के अनुसार, 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और नौवें संयुक्त नोट में इस व्यवस्था पर सहमति बनी थी।
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प्रस्ताव के मुताबिक सोमवार से शुक्रवार तक काम के समय में रोजाना 40 मिनट की बढ़ोतरी की जानी थी। यूनियनों का कहना है कि प्रस्ताव सरकार के पास भेजे जाने के बावजूद दो साल से अधिक समय से मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
पीएलआई व्यवस्था पर भी नाराजगी
यूनियनें नई पीएलआई व्यवस्था का भी विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के अलग-अलग वर्गों के लिए प्रोत्साहन राशि में काफी अंतर है। उनके मुताबिक, स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 365 दिनों के मूल वेतन तक पीएलआई मिल सकता है, जबकि कर्मचारियों और स्केल-3 तक के अधिकारियों के लिए अधिकतम 15 दिनों के मूल वेतन और महंगाई भत्ते का प्रावधान है।
पेंशन और पुरानी पेंशन योजना की मांग
यूनियनों ने पेंशन में अपडेट, सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना चुनने का विकल्प देने की मांग की है।
यूएफबीयू ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल की जा सकती है। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी ऐलान किया जा सकता है।
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