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बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में उम्मीदवार पर मंथन, नील रतन घोष के नाम की चर्चा तेज

बांकीपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में उम्मीदवार पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नील रतन घोष को प्रत्याशी बना सकती है।

बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को प्रदेश बीजेपी कार्यालय में पार्टी के कोर ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा बांकीपुर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मंथन करना था।

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इस सीट से नील रतन घोष को अपना उम्मीदवार बना सकती है। नील रतन घोष लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं और वरिष्ठ बीजेपी नेता नितिन नवीन के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। वह वर्षों से बांकीपुर क्षेत्र में संगठनात्मक और राजनीतिक गतिविधियों का संचालन करते रहे हैं।

बताया जा रहा है कि नील रतन घोष मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और बंगाली कायस्थ समुदाय से आते हैं। उनका नितिन नवीन के पिता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा से भी करीबी संबंध रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बांकीपुर सीट पर कायस्थ मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए बीजेपी जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर उन पर दांव खेल सकती है।

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निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।

यह सीट बीजेपी नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।

बांकीपुर विधानसभा सीट को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। वर्ष 1995 से लगातार इस सीट पर पार्टी का कब्जा रहा है। नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा यहां से लगातार चार बार विधायक रहे। उनके निधन के बाद 2006 के उपचुनाव में नितिन नवीन पहली बार विधायक चुने गए और उसके बाद लगातार पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे। ऐसे में इस बार का उपचुनाव भी बिहार की राजनीति में काफी अहम माना जा रहा है।

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