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बारामती विमान हादसा: समयबद्ध तरीके से होगी जांच, बोले केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा बारामती विमान हादसे की जांच समयबद्ध तरीके से होगी। ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और AAIB व DGCA जांच में जुटे हैं।

केंद्र सरकार ने बारामती विमान हादसे की जांच को लेकर सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने गुरुवार (29 जनवरी 2026) को कहा कि इस हादसे की जांच समयबद्ध (टाइमलाइन आधारित) तरीके से की जाएगी और रिपोर्ट तय समय में पूरी की जाएगी। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।

विंग्स इंडिया 2026 कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार की विमानन सुरक्षा को लेकर शून्य सहनशीलता की नीति है। उन्होंने बताया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की टीमें घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं और दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है।

यह हादसा बुधवार (28 जनवरी 2026) को पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे पर हुआ, जब एक चार्टर्ड विमान टेबलटॉप रनवे के किनारे से करीब 200 मीटर की दूरी पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ब्लैक बॉक्स मिल चुका है और जांच जारी है। इस बार हम सख्त समय-सीमा के तहत जांच पूरी करेंगे ताकि रिपोर्ट में देरी न हो।”

घटना के समय फायरफाइटिंग कर्मियों की अनुपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह हवाई पट्टी मुख्य रूप से फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन्स (FTO) के उपयोग में रहती है। उन्होंने बताया कि इस एयरस्ट्रिप पर फ्लाइंग ट्रेनिंग के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं मौजूद हैं और यह नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर परमिट (NSOP) के तहत संचालित होती है, न कि वाणिज्यिक उड़ानों के लिए।

उन्होंने कहा, “जब किसी NSOP एयरस्ट्रिप को व्यावसायिक हवाई अड्डे के रूप में लाइसेंस दिया जाता है, तो कुछ अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होती हैं। लेकिन यह सुविधा मुख्य रूप से उड़ान प्रशिक्षण के लिए उपयोग में लाई जाती रही है।”

मंत्री नायडू ने यह भी कहा कि भारत विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिहाज से दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में शामिल है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने जांच को लेकर केंद्र को पत्र लिखा था और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जवाब देते हुए पुष्टि की है कि जांच प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि फ्लाइट टाइम लिमिटेशन (FTL) पहले से लागू हैं।

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