बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सीपीआई(एम) नेता सलीम और हुमायूं कबीर के बीच बातचीत
बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सीपीआई(एम) नेता मोहम्मद सलीम ने जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर से मुलाकात की, जिससे संभावित गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने नवगठित जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर से मुलाकात की। इस बैठक के बाद दोनों दलों के बीच संभावित राजनीतिक तालमेल को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं।
सीपीआई(एम) नेता मोहम्मद सलीम ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे के प्रस्ताव पर वाम मोर्चा के भीतर चर्चा की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह के गठबंधन या समझौते पर अंतिम फैसला सामूहिक विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सलीम और हुमायूं कबीर के बीच यह बैठक लगभग एक घंटे तक चली। यह मुलाकात न्यू टाउन स्थित एक होटल में हुई। हुमायूं कबीर पूर्व में तृणमूल कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं और हाल ही में उन्होंने जनता उन्नयन पार्टी का गठन किया है। बीते दिनों वह मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद के शिलान्यास को लेकर विवादों में भी रहे थे, जिसके चलते उनका नाम राजनीतिक चर्चाओं में बना रहा।
राज्य की राजनीति में इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न दल अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र को मजबूत करने और संभावित सहयोगियों से बातचीत में जुटे हैं। वाम मोर्चा लंबे समय से राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश कर रहा है, जबकि नई और क्षेत्रीय ताकतें भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि, दोनों नेताओं की ओर से किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इस मुलाकात ने यह संकेत जरूर दिया है कि आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों में बदलाव संभव है। आने वाले दिनों में वाम मोर्चा और जनता उन्नयन पार्टी की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
और पढ़ें: बंगाल में अल्पसंख्यक मोर्चा बनाने की तेज़ होती कोशिशें, क्या तृणमूल कांग्रेस को चिंता करनी चाहिए?