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नारा लोकेश को भेंट की गईं बंगाल की सांस्कृतिक धरोहरें, मिली पाटचित्र और शोलापिथ कला की अनूठी सौगात

सुवेंदु अधिकारी ने आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश को षड्भुज-मूर्ति पाटचित्र और शोलापिथ कला भेंट की। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और राज्यों के बीच सौहार्द का प्रतीक माना गया।

पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय महासचिव नारा लोकेश को बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी दो महत्वपूर्ण कलाकृतियां भेंट कीं। इस अवसर को दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भारतीय परंपराओं के सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।

सुवेंदु अधिकारी द्वारा भेंट की गई कलाकृतियों में पवित्र षड्भुज-मूर्ति पाटचित्र और ऐतिहासिक शोलापिथ कला शामिल हैं। पाटचित्र पश्चिम बंगाल की प्रसिद्ध पारंपरिक लोकचित्रकला है, जिसमें धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को बेहद आकर्षक शैली में चित्रित किया जाता है। षड्भुज-मूर्ति पाटचित्र भगवान चैतन्य महाप्रभु से जुड़ी आध्यात्मिक परंपराओं का प्रतीक माना जाता है और इसका विशेष धार्मिक महत्व है।

दूसरी ओर, शोलापिथ कला पश्चिम बंगाल की एक प्राचीन हस्तशिल्प परंपरा है। इसे शोलापिथ नामक प्राकृतिक सामग्री से तैयार किया जाता है और यह अपनी बारीक नक्काशी तथा कलात्मक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। बंगाल की सांस्कृतिक पहचान में इस कला का महत्वपूर्ण स्थान है।

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आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और भारतीय संस्कृति की विविधता तथा एकता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण और प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहें।

इस मुलाकात को केवल औपचारिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को साझा करने और राज्यों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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