बेंगलुरु में मेडिकल छात्रा ने की आत्महत्या, परिवार ने कॉलेज स्टाफ पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया
बेंगलुरु में डेंटिस्ट्री छात्रा की आत्महत्या के बाद परिवार ने कॉलेज शिक्षकों पर मानसिक उत्पीड़न और अपमान का आरोप लगाया, पुलिस ने पांच लेक्चररों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
बेंगलुरु के चंदपुरा इलाके में सोमवार को एक मेडिकल छात्रा ने अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। मृतका के परिवार ने कॉलेज के शिक्षकों पर गंभीर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। छात्रा की पहचान यशस्विनी के रूप में हुई है, जो दंत चिकित्सा (डेंटिस्ट्री) की पढ़ाई कर रही थी।
परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यशस्विनी को कॉलेज के कुछ लेक्चररों द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। शिकायत में कहा गया है कि शिक्षकों ने उसे सहपाठियों के सामने उसकी त्वचा के रंग को लेकर अपमानित किया। इसके अलावा, उसके डॉक्टर बनने के सपने पर भी सवाल उठाए गए, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गई थी।
मां की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिक्षकों ने यशस्विनी के कपड़ों को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं और जब उसने एक बार आंखों में दर्द की शिकायत की, तो स्टाफ ने असंवेदनशील भाषा का इस्तेमाल किया। परिवार का कहना है कि छात्रा को सेमिनार में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई और अकादमिक रूप से परेशान करने के उद्देश्य से उसे रेडियोलॉजी केस वर्क भी आवंटित नहीं किया गया।
इन आरोपों के आधार पर सूर्यानगर पुलिस स्टेशन में कॉलेज के प्राचार्य सहित पांच लेक्चररों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
यशस्विनी के परिवार ने दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव और संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता को उजागर किया है।
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