भूपिंदर सिंह हुड्डा का हरियाणा सरकार पर हमला, विधानसभा को बताया जनहित का मंच
कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा झूठे प्रचार का मंच नहीं है, बल्कि यह जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए है।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा का उपयोग झूठे प्रचार के लिए नहीं, बल्कि जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा के लिए होना चाहिए।
भूपिंदर हुड्डा ने अपने बयान में कहा, “विधानसभा झूठे प्रचार का मंच नहीं है। यह जनता के हितों के लिए है।” उन्होंने आगे कहा कि जब वे 1996 में सांसद थे, तब महिला आरक्षण विधेयक पहली बार पेश किया गया था, लेकिन उस समय यह पारित नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि यह महत्वपूर्ण विधेयक वर्षों तक लंबित रहा और अंततः 2023 में इसे दोबारा लाया गया और सर्वसम्मति से पारित किया गया। हुड्डा के अनुसार यह देश की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि इस विधेयक की अधिसूचना 16 अप्रैल को जारी की गई, जो इसके लागू होने की दिशा में एक अहम प्रक्रिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून और नीतियां तभी सफल होती हैं जब उन्हें राजनीतिक प्रचार से ऊपर रखकर जनता के हित में लागू किया जाए।
भूपिंदर हुड्डा ने हरियाणा सरकार पर आरोप लगाया कि वह विधानसभा जैसे गंभीर मंच का उपयोग राजनीतिक लाभ और गलत प्रचार के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं और विकास के मुद्दों पर चर्चा करना ही विधायिका का असली उद्देश्य है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राजनीतिक दलों को महिला आरक्षण जैसे मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए और इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहिए।
हुड्डा के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में फिर से बहस तेज हो गई है और विभिन्न राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
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