×
 

बिहार में 35 साल पुराना पुल नदी में समाया, आधा दर्जन पंचायतों का सड़क संपर्क टूटा

बेतिया के लालसरैया में 35 साल पुराना गोडा पुल धनौती नदी में ध्वस्त हो गया। हादसे से आधा दर्जन पंचायतों का संपर्क टूट गया और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

बिहार में पुलों के ध्वस्त होने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित मझौलिया प्रखंड के लालसरैया क्षेत्र से सामने आया है, जहां करीब 35 वर्ष पुराना एक महत्वपूर्ण पुल अचानक ध्वस्त हो गया। इस घटना के बाद आसपास के इलाकों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, गोडा पुल बखरिया चौक स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-727 (एनएच-727) को लालसरैया, करमवा तथा पूर्वी चंपारण के कई क्षेत्रों से जोड़ता था। अचानक पुल का लगभग 10 फीट हिस्सा टूटकर धनौती नदी में समा गया। पुल के धंसते ही इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल काफी पुराना हो चुका था और उसकी स्थिति लंबे समय से जर्जर बनी हुई थी। इसके बावजूद समय पर मरम्मत या पुनर्निर्माण का काम नहीं किया गया। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

और पढ़ें: बिहार: लाखों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़—NEET पेपर लीक के खिलाफ RJD छात्र संगठन का विरोध

पुल ध्वस्त होने के कारण आधा दर्जन से अधिक पंचायतों का सड़क संपर्क टूट गया है। अब लोगों को दूसरे रास्तों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। छात्रों, किसानों, व्यापारियों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों ने जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था और नए पुल के निर्माण की मांग की है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है। साथ ही लोगों को पुल के आसपास जाने से रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं। फिलहाल क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह बाधित है।

और पढ़ें: बिहार: सीवान में 20 लाख की लूट के आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी, पटना अस्पताल में भर्ती

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share