बिहार राज्यपाल सचिवालय के चार स्टेनोग्राफरों की सेवा समाप्त, दक्षता परीक्षा में लगातार रहे अनुपस्थित
बिहार राज्यपाल सचिवालय के चार स्टेनोग्राफरों की सेवा आवश्यक दक्षता नहीं होने, दक्षता परीक्षा में लगातार अनुपस्थित रहने और अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी के कारण समाप्त कर दी गई।
बिहार में राज्यपाल सचिवालय से जुड़ा बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। बिहार लोकभवन ने राज्यपाल सचिवालय में कार्यरत चार स्टेनोग्राफरों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, इन कर्मचारियों में पद के लिए जरूरी दक्षता का अभाव पाया गया और वे निर्धारित दक्षता परीक्षा में बार-बार अनुपस्थित रहे।
सेवा समाप्त किए गए कर्मचारियों में राजेश कुमार, अखिलेश कुमार मिश्र, सुशील कुमार और संगीता कुमारी शामिल हैं। लोकभवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन सभी की सेवा आवश्यक दक्षता की कमी, निर्धारित परीक्षा में लगातार अनुपस्थित रहने और नियुक्ति प्राधिकारी के निर्देशों की अवहेलना के कारण समाप्त की गई है।
लोकभवन ने बताया कि इन कर्मचारियों को स्टेनोग्राफर के पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन नियुक्ति से पहले निर्धारित अनिवार्य लिखित परीक्षा और शॉर्टहैंड-टाइपिंग दक्षता परीक्षा नहीं ली गई थी। स्टेनोग्राफर के पद पर शॉर्टहैंड डिक्टेशन लेना और उसका सटीक टाइप किया हुआ प्रतिलेख तैयार करना मूल एवं अनिवार्य जिम्मेदारी है।
कार्य के दौरान कर्मचारियों की कार्यक्षमता और दक्षता को लेकर संबंधित अधिकारियों से प्रतिकूल रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसके बाद बिहार के राज्यपाल के आदेश पर उनकी दक्षता और कार्यक्षमता का आकलन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई।
चारों कर्मचारियों को 22 जुलाई 2026 को आयोजित दक्षता परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया, लेकिन वे परीक्षा में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद 6 अगस्त 2026 को उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अंतिम अवसर दिया गया। इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया और अपने पद के लिए आवश्यक मूलभूत दक्षताओं से छूट की मांग की।
लोकभवन के मुताबिक, इन कर्मचारियों की नियुक्ति 23 जनवरी 2025 को हुई थी और वे परिवीक्षा अवधि में थे। सेवा नियमों के तहत प्रोबेशन अवधि में प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार सेवा समाप्त की जा सकती है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि सभी तथ्यों, प्रतिकूल रिपोर्ट, दक्षता परीक्षा में लगातार अनुपस्थिति और नियुक्ति प्राधिकारी के निर्देशों की अवहेलना को ध्यान में रखते हुए चारों कर्मचारियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला लिया गया।
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