×
 

बीजापुर में दूसरे दिन भी मुठभेड़, दो और माओवादी ढेर; कुल संख्या छह हुई

बीजापुर में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दूसरे दिन दो और माओवादी मारे गए। इस ऑपरेशन में अब तक छह नक्सली ढेर हो चुके हैं और तलाशी अभियान जारी है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दूसरे दिन रविवार (18 जनवरी, 2026) को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो और माओवादी मारे गए। इसके साथ ही इस अभियान में अब तक कुल छह माओवादी ढेर किए जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

पुलिस के अनुसार, ताजा मुठभेड़ रविवार सुबह जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में हुई, जहां सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम पिछले दो दिनों से सघन तलाशी और घेराबंदी अभियान चला रही है। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर यह अभियान शुरू किया गया था।

इससे एक दिन पहले शनिवार (17 जनवरी, 2026) को इसी अभियान के दौरान चार माओवादी मारे गए थे। इनकी पहचान वरिष्ठ माओवादी कैडर दिलीप वेडजा के रूप में हुई थी, जो डिविजनल कमेटी का सदस्य था। इसके अलावा एरिया कमेटी के सदस्य मडवी कोसा और लख्खी मडकाम तथा पार्टी सदस्य राधा मेट्टा भी मारे गए थे। पुलिस के मुताबिक, ये सभी माओवादी नेशनल पार्क एरिया कमेटी से जुड़े हुए थे और लंबे समय से सक्रिय थे।

और पढ़ें: छत्तीसगढ़: बीजापुर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 2 नक्सली ढेर

रविवार को मारे गए दो माओवादियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने बताया कि अभियान में स्पेशल टास्क फोर्स (STF), जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और सीआरपीएफ की विशिष्ट कोबरा (CoBRA) बटालियन के जवान शामिल हैं।

मुठभेड़ स्थलों से एके-47 राइफल, इंसास राइफल, कार्बाइन और .303 राइफल समेत कुल छह हथियार बरामद किए गए हैं। इलाके में सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है ताकि किसी अन्य माओवादी की मौजूदगी को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

इस अभियान के साथ ही वर्ष 2026 में अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम 20 माओवादी मारे जा चुके हैं। इससे पहले 3 जनवरी को बस्तर संभाग के सात जिलों में हुई दो मुठभेड़ों में 14 माओवादी ढेर किए गए थे। पिछले वर्ष राज्य में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ों में कुल 285 माओवादी मारे गए थे। केंद्र सरकार ने देश से वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की है।

और पढ़ें: छत्तीसगढ़ में स्कूल परीक्षा के सवाल पर बवाल, कुत्ते के नाम के विकल्प में राम होने पर विरोध

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share