नाव से घर लौटते समय बीजापुर नदी में एक ही परिवार के चार लोगों की डूबकर मौत, माओवादी इलाके में बुनियादी पहुंच पर सवाल
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में साप्ताहिक बाजार से लौटते समय नाव पलटने से एक परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसे ने माओवादी इलाके में सुरक्षित आवागमन की कमी को उजागर किया।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की नदी में डूबने से मौत हो गई। ये सभी लोग साप्ताहिक बाजार से नाव के जरिए घर लौट रहे थे, तभी इंद्रावती नदी में उनकी नाव पलट गई। यह घटना माओवादी प्रभावित इलाके में सुरक्षित आवागमन और बुनियादी सुविधाओं की कमी को एक बार फिर उजागर करती है।
मृतकों की पहचान पोडिया वेको (30), उसके एक वर्षीय बेटे राकेश, उसके ससुर बहादुर और एक दूर के रिश्तेदार, आठ वर्षीय सुनीता कवासी के रूप में हुई है। ये सभी बीजापुर जिले के बहरामगढ़ ब्लॉक के बोदका गांव के रहने वाले थे, जो नदी के उस पार करीब 4–5 किलोमीटर दूर स्थित है। हादसे के समय कुल पांच लोग नाव पर सवार थे।
महिला पोडिया वेको और उसके बच्चे का शव बरामद किया गया, जिसमें बच्चे को मां के शरीर से बांधा हुआ पाया गया। शुक्रवार को आठ वर्षीय बच्ची सुनीता का शव भी नदी से निकाला गया। हालांकि, एक व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है।
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सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इलाके में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई नाव मौजूद है, लेकिन जब परिवार नदी किनारे पहुंचा, उस समय वह नाव वहां नहीं थी। मजबूरी में सभी पांच लोग एक बेहद पतली नाव, जिसे स्थानीय भाषा में ‘डुंगी’ कहा जाता है, पर सवार हो गए। बताया जा रहा है कि नाव नदी में एक चट्टान से टकरा गई, जिससे वह पलट गई।
हादसे में बांडरी नाम की एक महिला किसी तरह नाव को पकड़कर बच गई, लेकिन बाकी चार लोग नदी की तेज धारा में बह गए और डूब गए। यह क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के लिए जाना जाता है, जहां सुरक्षित परिवहन के साधन और बुनियादी ढांचे की भारी कमी है। इस घटना ने एक बार फिर ऐसे दूरदराज और संवेदनशील इलाकों में लोगों की रोजमर्रा की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।