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बिन्नाकांडी सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला, बदरुद्दीन अजमल की प्रतिष्ठा दांव पर

असम के बिन्नाकांडी सीट पर अजमल, AGP और AJP के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है, जहां पहली बार मतदान होगा और सभी दलों के लिए यह अहम राजनीतिक परीक्षा है।

असम विधानसभा चुनाव 2026 में बिन्नाकांडी सीट पर इस बार दिलचस्प और कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यह सीट पहली बार 2023 में बनाई गई थी और 9 अप्रैल को यहां पहली बार मतदान होगा।

बिन्नाकांडी विधानसभा क्षेत्र असम के होजाई जिले में स्थित है और यह काजीरंगा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस सीट पर मुख्य मुकाबला ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, असम गण परिषद (एजीपी) के साहाबुद्दीन मजूमदार और असम जातीय परिषद (एजेपी) के रेजाउल करीम चौधरी के बीच है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह त्रिकोणीय मुकाबला चुनाव को और रोचक बना रहा है। एजेपी जहां कांग्रेस के साथ गठबंधन में है, वहीं एजीपी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है।

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बदरुद्दीन अजमल ने अपनी जीत को लेकर विश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एआईयूडीएफ, जो 2005 में स्थापित हुई थी, इस बार जिन 30 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उनमें से करीब 25 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उन्होंने गैर-भाजपा दलों से एकजुट होकर भाजपा को हटाने की अपील भी की है।

राज्य की राजनीति की बात करें तो मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। भाजपा 2016 से असम में सत्ता में है और 2021 के चुनाव में 60 सीटें जीतकर अपने सहयोगियों के साथ सरकार बनाई थी।

वहीं, कांग्रेस भी सत्ता में वापसी की कोशिश में है। तरुण गोगोई के नेतृत्व में 2001 से 2016 तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस अब गौरव गोगोई के नेतृत्व में अपनी खोई जमीन वापस पाने का प्रयास कर रही है।

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