भारत में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा: लक्षण, फैलाव और बचाव के जरूरी उपाय
केरल में बर्ड फ्लू के मामलों के बाद तमिलनाडु में सतर्कता बढ़ी। बीमारी पक्षियों से फैलती है और कुछ मामलों में इंसानों को भी प्रभावित कर सकती है, इसलिए बचाव जरूरी है।
भारत के कई हिस्सों में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) के मामले सामने आए हैं। केरल के अलप्पुझा और कोट्टायम जिलों में संक्रमण की पुष्टि के बाद पड़ोसी राज्य तमिलनाडु ने सतर्कता बढ़ा दी है। सीमा से सटे जिलों में निगरानी तेज कर दी गई है ताकि बीमारी का प्रसार रोका जा सके। संयुक्त निदेशक डॉ. बालकृष्णन की निगरानी में विशेष एहतियाती कदम उठाए गए हैं। नीलगिरि जिले की कलेक्टर लक्ष्मी भव्या ने बताया कि एहतियातन केरल से जीवित मुर्गी, अंडे, पोल्ट्री कचरा और संबंधित उत्पादों के परिवहन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
इससे पहले तमिलनाडु के नामक्कल जिले—जो देश के सबसे बड़े अंडा उत्पादन केंद्रों में से एक है—में पोल्ट्री फार्मों ने जैव-सुरक्षा और निगरानी उपाय कड़े कर दिए हैं। नामक्कल में लगभग 1,500 पोल्ट्री फार्म हैं, जहां प्रतिदिन लाखों अंडों का उत्पादन होता है और आपूर्ति देश-विदेश तक होती है।
बर्ड फ्लू केवल मुर्गी, बतख और टर्की जैसी पालतू पक्षियों को ही नहीं, बल्कि जंगली और प्रवासी पक्षियों के जरिए भी फैल सकता है। कुछ मामलों में यह इंसानों तक भी पहुंच सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार 2003 से अगस्त 2025 तक 25 देशों में बर्ड फ्लू के 990 मानव मामले दर्ज हुए, जिनमें 475 मौतें हुईं—यानी लगभग 48 प्रतिशत मृत्यु दर।
और पढ़ें: निमोनिया और यूटीआई में एंटीबायोटिक्स क्यों हो रहीं बेअसर, पीएम मोदी ने बताया कारण
बर्ड फ्लू एक इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है, जो मुख्यतः पक्षियों और जानवरों में फैलता है। संक्रमित जानवरों के लार, सांस की बूंदों, मल या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से इंसानों को संक्रमण हो सकता है। हालांकि, अच्छी तरह पके पोल्ट्री उत्पाद, अंडे और पास्चुरीकृत दूध सुरक्षित माने जाते हैं।
बर्ड फ्लू के लक्षण:
आंख आना, बुखार, थकान, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त, नाक बहना या बंद होना और सांस लेने में तकलीफ।
बचाव के उपाय:
बीमार या मृत पक्षियों से दूरी रखें, भोजन अच्छी तरह पकाकर खाएं, हाथों की नियमित सफाई करें, आवश्यक होने पर मास्क और दस्ताने का उपयोग करें तथा स्वास्थ्य सलाहों का पालन करें।
और पढ़ें: इंदौर के 26 जल नमूनों में बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि, NHRC ने जारी किया नोटिस