ग़ाज़ा की पत्रकार बिसान औदा को मिला टिकटॉक अकाउंट वापस, विरोध के बाद प्लेटफॉर्म ने लिया यू-टर्न
फ़िलिस्तीनी पत्रकार बिसान औदा का 14 लाख फॉलोअर्स वाला टिकटॉक अकाउंट विरोध के बाद बहाल हुआ, हालांकि कई वीडियो अब प्लेटफॉर्म पर प्रमोट नहीं किए जाएंगे।
ग़ाज़ा में रहकर रिपोर्टिंग करने वाली पुरस्कार विजेता फ़िलिस्तीनी पत्रकार बिसान औदा ने कहा कि उनका टिकटॉक अकाउंट फिर से बहाल कर दिया गया है। एक दिन पहले ही उन्होंने बताया था कि वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म ने उनका अकाउंट अचानक प्रतिबंधित कर दिया था। औदा के टिकटॉक अकाउंट पर 14 लाख (1.4 मिलियन) फॉलोअर्स हैं।
रिपोर्ट में औदा ने कहा कि उन्हें लगता है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हुई चर्चा और गैर-सरकारी संगठनों के दबाव के कारण उनका अकाउंट वापस मिला। हालांकि, अब उनके अकाउंट को ढूंढने के लिए यूज़र्स को उनका पूरा यूज़रनेम टाइप करना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि टिकटॉक की ओर से उन्हें संदेश मिला है कि उनके कई वीडियो अब “रिकमेंडेशन के योग्य नहीं” माने जाएंगे।
औदा को अंतरराष्ट्रीय पहचान तब मिली जब उन्होंने युद्धग्रस्त फ़िलिस्तीनी क्षेत्र से रोज़ाना वीडियो साझा किए। वह अक्सर अपने वीडियो की शुरुआत इस वाक्य से करती थीं—“मैं बिसान हूं, ग़ाज़ा से, और मैं अभी ज़िंदा हूं।”
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हालांकि ग़ाज़ा में संघर्षविराम लागू है, लेकिन इज़रायली हमले जारी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक ग़ाज़ा में कम से कम 207 फ़िलिस्तीनी पत्रकार और मीडिया कर्मी मारे जा चुके हैं। टिकटॉक ने औदा के अकाउंट पर टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन एक बयान में कहा गया कि अकाउंट को पहले “अस्थायी रूप से प्रतिबंधित” किया गया था और समीक्षा के बाद बहाल कर दिया गया।
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