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क्रॉस वोटिंग विवाद के बीच बीजेपी नेता डी. राजेगौड़ा ने कर्नाटक अध्यक्ष आर. अशोक को हटाने की मांग की

बीजेपी नेता डी. राजेगौड़ा ने कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष आर. अशोक को हटाने की मांग की है। उन्होंने क्रॉस वोटिंग और कांग्रेस की गारंटी योजनाओं को राज्य की समस्या बताया।

कर्नाटक की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता डी. राजेगौड़ा ने राज्य बीजेपी अध्यक्ष आर. अशोक को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। यह मांग पार्टी में कथित क्रॉस वोटिंग और नेतृत्व की विफलता के आरोपों के बीच सामने आई है।

डी. राजेगौड़ा ने आरोप लगाया कि राज्य नेतृत्व पार्टी के विधायकों में हो रही क्रॉस वोटिंग को रोकने में पूरी तरह असफल रहा है। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक कमजोरी के कारण पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला बोला। राजेगौड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की “फ्री गारंटी” योजनाओं ने कर्नाटक की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और राज्य को नुकसान पहुंचाया है।

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उन्होंने कहा कि इन लोकलुभावन योजनाओं के कारण विकास कार्यों पर असर पड़ा है और राज्य पर वित्तीय बोझ बढ़ा है। बीजेपी नेता ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सरकार की नीतियों से जनता को दीर्घकालिक लाभ नहीं मिल रहा है, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिरता कमजोर हो रही है।

राजेगौड़ा ने पार्टी नेतृत्व से अपील की कि आर. अशोक को राज्य अध्यक्ष पद से हटाकर संगठन में नई ऊर्जा और अनुशासन लाया जाए। उनका कहना है कि मजबूत नेतृत्व ही पार्टी को आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन दिला सकता है।

इस विवाद के बाद कर्नाटक बीजेपी में आंतरिक मतभेद की चर्चाएं और तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर असंतोष की आवाजें लगातार सामने आ रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान राज्य बीजेपी के अंदर चल रहे शक्ति संघर्ष और असंतोष को उजागर करता है, जो आने वाले समय में पार्टी की एकजुटता पर असर डाल सकता है।

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