बीजेपी के देवेश कुमार ने छोड़ा बिहार विधान परिषद पद, दीपक प्रकाश के लिए रास्ता साफ
बीजेपी नेता देवेश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इससे दीपक प्रकाश के विधान परिषद पहुंचने और मंत्री पद पर बने रहने का रास्ता साफ हो गया।
बिहार की राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता देवेश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के विधान परिषद पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। इससे दीपक प्रकाश बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री के पद पर बने रह सकेंगे।
देवेश कुमार ने अपना इस्तीफा बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा। वह 17 मार्च 2021 को राज्यपाल कोटे से विधान परिषद के सदस्य मनोनीत हुए थे।
देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर दीपक प्रकाश के निर्वाचित होने की संभावना है। दीपक प्रकाश वर्तमान में बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं और उनका मंत्री पद संवैधानिक विवाद में फंस गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने उठाए थे सवाल
यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद हुआ है, जिसमें शीर्ष अदालत ने बिहार सरकार से सवाल किया था कि दीपक प्रकाश बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बने छह महीने की संवैधानिक सीमा से अधिक समय तक मंत्री कैसे बने हुए हैं।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पूछा था कि संविधान के प्रावधानों के तहत किसी मंत्री का छह महीने के भीतर सदन का सदस्य बनना जरूरी है, फिर दीपक प्रकाश को इतने लंबे समय तक मंत्री पद पर कैसे रखा गया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह एक शुद्ध कानूनी मुद्दा है और सरकार को बताना होगा कि बिना निर्वाचित हुए किसी मंत्री को छह महीने से अधिक समय तक कैसे बनाए रखा जा सकता है।
संविधान में क्या है प्रावधान?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(4) के अनुसार, यदि कोई मंत्री लगातार छह महीने तक राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं बनता है तो उसे मंत्री पद छोड़ना पड़ता है।
दीपक प्रकाश इससे पहले नीतीश कुमार सरकार में मंत्री रह चुके हैं। बाद में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें दोबारा मंत्री बनाया गया, जबकि वह उस समय न तो बिहार विधानसभा और न ही विधान परिषद के सदस्य थे।
दीपक प्रकाश आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। आरएलएम बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का सहयोगी दल है। अब देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद दीपक प्रकाश के विधान परिषद सदस्य बनने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी और वह मंत्री पद पर बने रह पाएंगे।