दतिया उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी का बड़ा एक्शन, जिले की पूरी संगठनात्मक संरचना भंग
दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी ने जिले की संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया। जिलाध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारियों को पदमुक्त कर समीक्षा के बाद कार्रवाई की गई।
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने संगठन स्तर पर बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने दतिया जिले की पूरी संगठनात्मक संरचना को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह कार्रवाई उपचुनाव में मिली हार की समीक्षा के लिए गठित समिति की सिफारिश के आधार पर की गई है।
बीजेपी ने दतिया जिले में जिलाध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभिन्न विभागों समेत सभी वर्तमान संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। पार्टी के इस फैसले को चुनावी हार के बाद संगठन में बदलाव की बड़ी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, दतिया उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद पार्टी ने दो सदस्यीय समीक्षा समिति का गठन किया था। समिति ने चुनाव परिणामों का विश्लेषण करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर बीजेपी ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 66,757 वोट मिले, जबकि बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस उम्मीदवार ने बीजेपी उम्मीदवार को 6,016 वोटों के अंतर से हराया।
उपचुनाव परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि जनता के फैसले को स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है और पार्टी आने वाले चुनावों में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि दतिया सीट कांग्रेस के पास थी और बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार लगभग 1,700 वोट अधिक हासिल किए हैं। उन्होंने बीजेपी के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा था कि पार्टी ने लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर जीत हासिल की थी।
उन्होंने यह भी कहा था कि उपचुनावों में बीजेपी ने बुधनी सीट बरकरार रखी और अमरवाड़ा विधानसभा सीट कांग्रेस से छीनी थी। सीएम ने भरोसा जताया था कि पार्टी भविष्य के चुनावों में और मजबूत होकर उतरेगी।
बीजेपी के इस फैसले के बाद अब दतिया जिले में नए संगठन के गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।