बीजेपी ने निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र, पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री के उकसावे भरे भाषण पर चिंता जताई
बीजेपी ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कथित उकसावे भरे भाषण की शिकायत की और मामले की जांच की मांग की।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कथित "उकसावे भरे" भाषणों को लेकर निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। पार्टी ने पत्र में कहा कि 25 मार्च 2026 को मेनागुरी, उत्तर बंगाल में एक सार्वजनिक रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने कथित रूप से यह बयान दिया कि चुनाव के बाद लोगों को अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाने के लिए मजबूर किया जाएगा, जिन पर लिखा होगा – "मैं बीजेपी का समर्थन नहीं करता।"
बीजेपी ने अपने पत्र में यह भी बताया कि इस तरह के बयान न केवल मतदाताओं को डराने और धमकाने का प्रयास हैं, बल्कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के मूल सिद्धांतों के खिलाफ भी हैं। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से अपील की है कि इस मामले की तुरंत जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले यह मामला एक राजनीतिक तूल पकड़ रहा है। बीजेपी का कहना है कि मुख्यमंत्री के इस बयान से राज्य में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो सकता है और मतदाताओं पर दबाव डाला जा सकता है।
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निर्वाचन आयोग ने अब तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग इस तरह की शिकायतों की गंभीरता से जांच करता है ताकि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से संपन्न हो सके।
बीजेपी के इस कदम को राज्य में चुनावी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है, जिससे मतदाताओं को चेतावनी देने और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग करने का प्रयास किया जा रहा है।
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