भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों में कांग्रेस की भूमिका का आरोप लगाया, 1972 के व्यापार समझौते का हवाला
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की समस्या में भूमिका का आरोप लगाया और 1972 के व्यापार समझौते का हवाला दिया।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भारत में बसाने में कथित भूमिका निभाने का आरोप लगाया है। उन्होंने 1972 में हुए भारत-बांग्लादेश व्यापार समझौते का हवाला देते हुए कहा कि इस समझौते के कुछ प्रावधानों का दुरुपयोग करके अवैध प्रवासियों को देश में प्रवेश कराने की नीति अपनाई गई।
दुबे ने अपने बयान में कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक आरोप नहीं है बल्कि देश की सुरक्षा और सामाजिक संरचना के लिए गंभीर चुनौती पेश करता है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान प्रवासियों के पंजीकरण और उनका नियंत्रण पर्याप्त रूप से नहीं किया गया, जिससे अब यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है।
सांसद ने कहा, "1972 का व्यापार समझौता केवल आर्थिक सहयोग के लिए था, लेकिन इसके कुछ प्रावधानों का राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से दुरुपयोग किया गया। इसके चलते अवैध प्रवासियों की संख्या में वृद्धि हुई और वे देश की संसाधनों पर दबाव डाल रहे हैं।"
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निशिकांत दुबे ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अवैध प्रवासियों की समस्या को गंभीरता से लें और कांग्रेस द्वारा कथित रूप से अपनाई गई नीतियों की जांच कर उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पारदर्शिता और कड़े कानूनों की आवश्यकता है ताकि देश में अवैध प्रवासियों की बढ़ती समस्या को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद न केवल राजनीतिक बहस का विषय बनेगा बल्कि आगामी चुनावों में भी इसे अहम मुद्दा के रूप में उठाया जा सकता है।
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