महिला आरक्षण बिल विफल होने पर भाजपा का विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस पर महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक मानने का आरोप
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद भाजपा नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस पर महिलाओं को केवल वोट बैंक मानने तथा सत्ता में भागीदारी से दूर रखने का आरोप लगाया।
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पास न हो पाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक समझने का आरोप लगाया।
दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सांसद बांसुरी स्वराज, कमलजीत सहरावत, हेमा मालिनी और मनोज तिवारी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला भी फूंका।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि विपक्ष का बिल का विरोध केवल एक राजनीतिक रणनीति थी। उनके अनुसार, राहुल गांधी और उनके सहयोगियों के लिए महिलाएं सिर्फ वोट बैंक हैं और वे उन्हें सत्ता में हिस्सेदारी नहीं देना चाहते।
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वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले कई वर्षों से देश की आधी आबादी यानी महिलाएं अपमान झेल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार महिला आरक्षण बिल को किसी न किसी बहाने से रोका जाता रहा है।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन (डिलिमिटेशन) आवश्यक है और इसे रोका नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैलाकर इस प्रक्रिया को बाधित कर रहा है।
इस बीच, राहुल गांधी के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए कुछ स्थानों पर पानी की बौछारों का भी इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
यह मुद्दा अब देश की राजनीति में बड़ा विवाद बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर बहस और तेज होने की संभावना है।