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एसआईआर विवाद पर बीजेपी का पलटवार, संबित पात्रा बोले- 2014 से सुचारू रूप से हो रहे चुनाव

बीजेपी ने एसआईआर विवाद के बीच वोट चोरी के आरोपों को खारिज किया। संबित पात्रा ने चुनाव आयोग का बचाव किया, जबकि आयोग ने आंतरिक मतभेदों को सामान्य बताया।

भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के “वोट चोरी” के आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 2014 से देश में चुनाव सुचारू रूप से कराए जा रहे हैं।

पात्रा ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी समर्थन नहीं मिलने के बाद विपक्षी दल चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं पर निशाना साध रहे हैं।

पात्रा की यह टिप्पणी चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर समेत कई मुद्दों पर मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों पर आपत्ति दर्ज की थी। इनमें नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे।

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पात्रा ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि आयोग के भीतर अधिकारियों के बीच चर्चा और अलग-अलग राय होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सभी आयुक्त विचार-विमर्श के बाद एक निर्णय पर पहुंचते हैं।

उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं। पात्रा ने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली किसी तानाशाही व्यवस्था की तरह नहीं, बल्कि संस्थागत और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के अनुसार चल रही है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी भी संस्था में अंतिम निर्णय से पहले अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य होती हैं। आयोग के अनुसार, केवल तीन चुनाव आयुक्त ही नहीं, बल्कि उसका कोई भी अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में सुधार के लिए सुझाव दे सकता है।

आयोग ने यह भी कहा कि पिछले एक वर्ष में उसके सभी प्रमुख फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए हैं। आयोग के मुताबिक, इस दौरान करीब 40 नई पहल और कई चुनावी सुधार किए गए हैं, जिनमें मतदाता सूची का पुनरीक्षण और एसआईआर भी शामिल है।

विपक्षी नेताओं ने हालांकि आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराई हैं।

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