भारत में ड्रीमलाइनर विमानों का उज्ज्वल भविष्य, और अधिक ऑर्डर की उम्मीद: बोइंग
बोइंग ने कहा कि भारत में ड्रीमलाइनर विमानों की मांग तेज़ी से बढ़ेगी और आने वाले समय में और ऑर्डर मिलने की पूरी संभावना है।
अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने कहा है कि भारत में उसके बोइंग 787 विमानों, जिन्हें ड्रीमलाइनर के नाम से जाना जाता है, का भविष्य बेहद उज्ज्वल है और आने वाले वर्षों में भारतीय बाजार से और अधिक ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। बोइंग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भारत का विमानन क्षेत्र तेज़ी से विकास की ओर बढ़ रहा है, जिससे ड्रीमलाइनर जैसे आधुनिक विमानों की मांग बढ़ेगी।
भारत और अमेरिका के बीच मौजूदा टैरिफ संबंधी चुनौतियों के बावजूद, बोइंग इंडिया एवं दक्षिण एशिया के अध्यक्ष सलील गुप्ते ने दोनों देशों के बीच भारतीय एयरोस्पेस उद्योग के औद्योगिकीकरण के साझा लक्ष्य पर जोर दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि बोइंग इन अल्पकालिक चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपट लेगी।
भारत में ड्रीमलाइनर विमानों का संचालन मुख्य रूप से एयर इंडिया द्वारा किया जा रहा है। निजीकरण के बाद जनवरी 2022 में एयर इंडिया को मिला पहला कस्टम-निर्मित ड्रीमलाइनर 1 फरवरी से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू करने वाला है। वर्तमान में एयर इंडिया के बेड़े में 33 ड्रीमलाइनर विमान हैं, जिनमें 26 पुराने B787-8, विस्तारा से आए छह B787-9 और एक नया विमान शामिल है। इसके अलावा, इंडिगो भी नॉर्स अटलांटिक एयरवेज से लीज पर लिए गए कुछ ड्रीमलाइनर विमानों का संचालन कर रही है।
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जून 2025 में अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना का जिक्र करते हुए गुप्ते ने कहा कि यह बोइंग के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय रहा। उन्होंने कहा कि पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति कंपनी की संवेदनाएं सर्वोपरि हैं और दुर्घटना की जांच भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर B787 विमानों की मांग मजबूत बनी हुई है और आने वाले वर्षों में यह और बढ़ेगी। भारत बोइंग के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, जहां कंपनी के 265 से अधिक वाणिज्यिक और सैन्य विमान संचालित हो रहे हैं।