ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीएम मोदी का मेक इन इंडिया पर जोर, पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता; दिल्ली में जुटे दिग्गज नेता
ब्रिक्स सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता की और बिजनेस फोरम में मेक इन इंडिया पर जोर दिया। सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने तथा रक्षा और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार तड़के पालम वायुसेना स्टेशन पहुंचे, जहां विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद फरवरी 2022 से भारत की यह उनकी दूसरी यात्रा है। पीएम मोदी दिन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। भारत ने इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास को बढ़ावा देने की थीम चुनी है।
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ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीएम मोदी ने भारत में विनिर्माण और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ पर जोर दिया तथा ब्रिक्स देशों की मजबूत आर्थिक क्षमता की सराहना की। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आर्थिक और विकास संबंधी सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी तथा अमेरिका की व्यापार और शुल्क नीतियों के प्रभावों से जूझ रही है।
शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग समेत कई शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं।