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भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष मंगोलिया रवाना होंगे, वैश्विक प्रदर्शनी की तैयारी

भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष मंगोलिया में प्रदर्शनी के लिए रवाना किए जाएंगे। यह आयोजन 1 से 10 जून तक मंगोलिया में होगा।

भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों—अर्हंत सारिपुत्र और अर्हंत महामोग्गलान—के पवित्र अवशेषों को वैश्विक प्रदर्शनी के लिए मंगोलिया भेजा जा रहा है। यह जानकारी मध्य प्रदेश के मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने गुरुवार को दी। उन्होंने बताया कि इन पवित्र अवशेषों को आज मंगोलिया रवाना किया जाएगा, जहां 1 जून से 10 जून तक इनका विशेष प्रदर्शन किया जाएगा।

यह आयोजन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले भी भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र अवशेषों को थाईलैंड और कंबोडिया जैसे देशों में प्रदर्शित किया गया था, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया।

मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से इन अवशेषों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने की पहल को सांस्कृतिक कूटनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य बौद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर साझा करना और भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं को विश्व मंच पर स्थापित करना है।

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मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का सम्मान है कि भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेषों को विश्व के विभिन्न देशों में ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह न केवल धार्मिक आस्था का विषय है, बल्कि भारत और अन्य बौद्ध देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करता है।

मंगोलिया में होने वाली इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायियों और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन के दौरान अवशेषों के दर्शन के लिए विशेष सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था की गई है।

भारत, मंगोलिया, थाईलैंड और कंबोडिया जैसे देशों के बीच बौद्ध धर्म से जुड़ा यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि देशों के बीच आपसी सहयोग और सांस्कृतिक समझ को भी मजबूत करते हैं।

यह पहल भारत की ‘सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी’ को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान दे रही है, जिसमें प्राचीन विरासत और आध्यात्मिकता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।

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