कैबिनेट ने मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया, जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाया
कैबिनेट ने मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित किया और जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाया। इन फैसलों से कनेक्टिविटी, पर्यटन और ग्रामीण जल आपूर्ति को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्र की संघीय कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और ग्रामीण पीने के पानी की आपूर्ति को मजबूत करने के उद्देश्य से हैं। बैठक के बाद जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने तमिलनाडु के मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करने का प्रस्ताव मंजूर किया और जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने को भी स्वीकृति दी।
मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा
कैबिनेट ने मदुरै, जो अपने मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, में स्थित एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने का प्रस्ताव मंजूर किया। यह एयरपोर्ट राज्य के सबसे पुराने हवाईअड्डों में से एक है और दक्षिणी तमिलनाडु के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।
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सरकार के अनुसार, एयरपोर्ट का उन्नयन क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इससे पर्यटन और तीर्थयात्रा को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि मदुरै एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। अधिकारियों का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायिक यात्रियों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, जिससे व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
जल जीवन मिशन 2028 तक बढ़ाया गया
कैबिनेट ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और वित्तीय आवंटन को बढ़ाने को भी मंजूरी दी। अब यह योजना अपने अगले चरण JJM 2.0 में प्रवेश करेगी, जिसमें ग्रामीण पीने के पानी के क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों पर जोर रहेगा।
इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करना और सेवा वितरण व दीर्घकालीन इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना है। सरकार ने कहा कि विस्तृत योजना ग्रामीण घरों में सुरक्षित और विश्वसनीय नल जल कनेक्शन सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रखेगी।
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