कोलकाता में बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर राज्य को नोटिस
कोलकाता की बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों पर जवाब मांगा।
कोलकाता और इसके आसपास के इलाकों में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी 2026) को स्वतः संज्ञान लिया। अदालत ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और इस मामले पर विस्तृत जवाब मांगा है। हाल के दिनों में कोलकाता का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई मौकों पर देश की राजधानी दिल्ली से भी नीचे दर्ज किया गया, जिसे अदालत ने बेहद चिंताजनक बताया।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कोलकाता और हावड़ा जैसे आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसे नियंत्रित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठते नहीं दिख रहे हैं। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो इसके गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय परिणाम हो सकते हैं।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह इसी मुद्दे पर एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई थी। इस याचिका में अधिवक्ता आकाश शर्मा ने कोलकाता में लगातार खराब होती हवा की गुणवत्ता पर चिंता जताई थी और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। याचिका में यह भी कहा गया था कि बढ़ते प्रदूषण के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त कार्रवाई का अभाव है।
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हाईकोर्ट ने फैसला किया है कि स्वतः संज्ञान से दर्ज इस मामले की सुनवाई उक्त जनहित याचिका के साथ की जाएगी। अदालत ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, नियंत्रण उपायों और जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
इस मामले की अगली सुनवाई में राज्य सरकार के जवाब और भविष्य की कार्ययोजना पर अदालत की कड़ी नजर रहने की संभावना है।
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