कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने तमिलनाडु को पानी छोड़ने के कर्नाटक के निर्देश को बरकरार रखा, सीएम डीके शिवकुमार की अध्यक्षता में होगी सर्वदलीय बैठक
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने के कर्नाटक निर्देश को बरकरार रखा। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अध्यक्षता में आगे की रणनीति तय करने के लिए सर्वदलीय बैठक होगी।
कावेरी जल विवाद को लेकर कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए पानी जारी रखने के निर्देश को बरकरार रखा है। इस फैसले के बाद कर्नाटक सरकार ने आगे की रणनीति तय करने के लिए जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।
कर्नाटक के अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में यह बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद बैठक की तारीख तय की जाएगी। बैठक में कावेरी जल मामले से जुड़े अगले कानूनी कदमों और उपलब्ध विकल्पों पर चर्चा की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों से राय लेगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा। कर्नाटक सरकार का कहना है कि राज्य के जल संसाधनों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
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कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों राज्यों के किसान इस मुद्दे को लेकर लगातार अपनी चिंताएं जाहिर करते रहे हैं। कर्नाटक का तर्क है कि जलाशयों में पानी की उपलब्धता और राज्य में सूखे जैसी परिस्थितियों को देखते हुए पानी छोड़ने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
वहीं, तमिलनाडु लंबे समय से अपने हिस्से के कावेरी जल की मांग करता रहा है। राज्य का कहना है कि नदी जल बंटवारे से जुड़े तय प्रावधानों के अनुसार उसे पानी मिलना चाहिए।
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के फैसले के बाद कर्नाटक सरकार के सामने अब कानूनी और प्रशासनिक विकल्पों पर विचार करने की चुनौती है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अध्यक्षता में होने वाली सर्वदलीय बैठक में इस विवाद को लेकर राज्य की आगामी रणनीति तय होने की उम्मीद है।
कर्नाटक सरकार ने संकेत दिया है कि वह किसानों के हितों की रक्षा करते हुए इस मामले में सभी संवैधानिक और कानूनी रास्तों का इस्तेमाल करेगी।
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