जनगणना 2027 के पहले चरण में होंगे 33 सवाल, घर और सामाजिक स्थिति से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल
जनगणना 2027 के पहले चरण में नागरिकों से 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें आवास, सामाजिक स्थिति और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल होंगी।
भारत में होने वाली जनगणना 2027 के पहले चरण में नागरिकों से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (RG&CCI) ने गुरुवार (22 जनवरी 2026) को इसकी अधिसूचना जारी की। यह पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा।
इन 33 सवालों में जनगणना मकान संख्या, घर के फर्श में प्रयुक्त सामग्री, परिवार के मुखिया का अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंध, पीने के पानी का मुख्य स्रोत और शौचालय की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इन प्रश्नों का उद्देश्य देश की आवासीय स्थिति, सामाजिक संरचना और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का विस्तृत आकलन करना है।
गौरतलब है कि इससे पहले 7 जनवरी 2020 को जनगणना 2021 के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें 31 प्रश्न शामिल थे। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण वह जनगणना प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी। अब नई अधिसूचना में प्रश्नों की संख्या बढ़ाकर 33 कर दी गई है।
नई अधिसूचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि पहले घर के फर्श, दीवार और छत के प्रकार से जुड़ा एक संयुक्त प्रश्न होता था। अब इसे विभाजित कर तीन अलग-अलग प्रश्न बना दिए गए हैं, जिनमें घर के फर्श, दीवार और छत में उपयोग की गई प्रमुख सामग्री के बारे में अलग-अलग जानकारी मांगी जाएगी।
सरकार का मानना है कि इन विस्तृत सवालों से देश की आवासीय गुणवत्ता, जीवन स्तर और बुनियादी ढांचे से जुड़ी अधिक सटीक और उपयोगी जानकारी मिल सकेगी, जो भविष्य की नीतियों और योजनाओं को तैयार करने में सहायक होगी।
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