जनगणना 2027: सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक होंगे हाउस लिस्टिंग कार्य
जनगणना 2027 के पहले चरण में 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हाउस लिस्टिंग होगी, जिसमें प्रत्येक राज्य 30 दिनों की अवधि तय करेगा।
देश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का पहला चरण तय कर दिया गया है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त द्वारा बुधवार (7 जनवरी 2026) को जारी अधिसूचना के अनुसार, जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत हाउस लिस्टिंग (मकान सूचीकरण) का कार्य 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा। यह प्रक्रिया देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू होगी।
अधिसूचना में कहा गया है कि हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश द्वारा निर्धारित 30 दिनों की अवधि में पूरा किया जाएगा, लेकिन यह अवधि 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच ही होगी। इस दौरान जनगणना कर्मी घर-घर जाकर आवासीय ढांचे, मकानों की स्थिति, उपयोग और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।
हाउस लिस्टिंग जनगणना की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है, क्योंकि इसके आधार पर बाद के चरणों में जनसंख्या से जुड़ा विस्तृत डेटा इकट्ठा किया जाता है। इसमें मकान का प्रकार, निर्माण सामग्री, पेयजल, शौचालय, बिजली, ईंधन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारियां शामिल होती हैं।
सरकार का कहना है कि इस चरण का उद्देश्य देश में उपलब्ध आवासीय ढांचे और जीवन स्तर की स्थिति का सटीक आकलन करना है। इससे नीति निर्माण, विकास योजनाओं और संसाधनों के बेहतर वितरण में मदद मिलेगी।
जनगणना 2027 का यह पहला चरण आने वाले वर्षों के लिए जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का मजबूत आधार तैयार करेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों को सही और पूरी जानकारी दें, ताकि देश की जनगणना निष्पक्ष, सटीक और विश्वसनीय बन सके।
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