घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज और नकली नोटों पर केंद्र-बिहार मिलकर करेंगे कार्रवाई: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की। केंद्र और बिहार मिलकर घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज तथा नकली मुद्रा जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण करेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ कक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने सीमा क्षेत्रों में घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज और नकली मुद्रा जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्र और बिहार सरकार के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगे। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
बैठक के दौरान सीमा क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। इनमें घुसपैठ की आशंका, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल और नकली भारतीय मुद्रा से जुड़ी गतिविधियां प्रमुख रूप से शामिल रहीं। अधिकारियों ने सीमा पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
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सम्राट चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमा पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की समय पर पहचान और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के बीच सूचनाओं का प्रभावी आदान-प्रदान जरूरी है।
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा के कारण बिहार के सीमावर्ती जिलों में आवागमन लगातार होता रहता है। ऐसे में सीमा सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। बैठक में सीमा से जुड़े विकास और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करना होगा। केंद्र और राज्य स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा संयुक्त प्रयासों से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में काम किया जाएगा।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सरकार का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ फर्जी दस्तावेज और नकली मुद्रा के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
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