बजट सत्र से पहले 27 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाएगी केंद्र सरकार
बजट सत्र से पहले केंद्र सरकार ने 27 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सत्र में बजट, अहम विधेयकों और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होगी।
नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 27 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है। इस बैठक का उद्देश्य आगामी बजट सत्र के दौरान सरकार के विधायी एजेंडे और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा करना है। यह बैठक संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की अध्यक्षता में संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में सुबह 11 बजे आयोजित की जाएगी।
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से होगी, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने से होगी। बजट सत्र को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को समाप्त होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशा को दर्शाएगा। बजट ऐसे समय में पेश किया जाएगा जब अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए हैं। केंद्र सरकार ने इन टैरिफ को अनुचित बताते हुए देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा का संकल्प दोहराया है।
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बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में 2 से 4 फरवरी तक चर्चा होगी। इसके अलावा ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’, ‘सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड, 2025’ और ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024’ जैसे अहम विधेयकों पर भी चर्चा की संभावना है। इन विधेयकों को पहले संसदीय समितियों को भेजा गया था।
इसके साथ ही ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़े ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन अधिनियम’ पर भी बहस हो सकती है, जिसे मनरेगा के स्थान पर लाने का प्रस्ताव है। इस मुद्दे पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस, लगातार सरकार की आलोचना कर रही है।
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