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अल नीनो के असर से कम बारिश पर केंद्र सतर्क, सूखे से निपटने की तैयारियों की समीक्षा

अल नीनो के कारण कई क्षेत्रों में कम बारिश के बीच केंद्र सरकार ने सूखे की तैयारियों की समीक्षा की और राज्यों को जल, कृषि तथा राहत प्रबंधन मजबूत रखने के निर्देश दिए।

देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज होने और अल नीनो (El Niño) के प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सूखे की संभावित स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में कम बारिश से कृषि, जल संसाधनों और आम जनजीवन पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का विस्तृत आकलन किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि अल नीनो एक ऐसी जलवायु घटना है, जिसमें मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इसका असर वैश्विक मौसम प्रणाली पर पड़ता है और भारत में मानसून कमजोर होने तथा वर्षा में कमी आने की आशंका बढ़ जाती है।

समीक्षा बैठक में विभिन्न राज्यों में वर्षा की स्थिति, जलाशयों में उपलब्ध जल, फसलों की स्थिति तथा पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे संभावित सूखे की स्थिति से निपटने के लिए अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करें और स्थानीय स्तर पर राहत योजनाओं को सक्रिय रखें।

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सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे वर्षा की स्थिति पर लगातार निगरानी रखें तथा मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर समय-समय पर आवश्यक कदम उठाएं। कृषि क्षेत्र पर संभावित प्रभाव को कम करने के लिए किसानों को आवश्यक सलाह और सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा जल संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन और पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों की भी समीक्षा की गई। सरकार का कहना है कि यदि कुछ क्षेत्रों में वर्षा की कमी बनी रहती है तो आवश्यकतानुसार राहत और सहायता के कदम उठाए जाएंगे।

केंद्र ने स्पष्ट किया कि राज्यों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित संकट का समय रहते प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके और आम लोगों पर इसका असर कम से कम पड़े।

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