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राम मंदिर दान चोरी मामले पर चंपत राय का पहला बयान, बोले- आरोप निराधार, जांच के बाद सामने आएगा सच

राम मंदिर दान चोरी मामले में चंपत राय ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद हर आरोप का जवाब देंगे और सच सामने आएगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान चोरी विवाद को लेकर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को उन्होंने राम भक्तों के नाम एक खुले पत्र में अपने ऊपर लगे आरोपों को “निराधार” बताया और कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह हर आरोप का विस्तार से जवाब देंगे।

चंपत राय ने अपने पत्र में कहा कि मंदिर के दान पात्रों से मिले चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी को लेकर चर्चा 6 जून 2026 से जारी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन पर भी कई आरोप लगाए गए, लेकिन उन्होंने अब तक जानबूझकर चुप्पी बनाए रखी।

उन्होंने बताया कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए तैयार की गई एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है, जबकि यह एक गोपनीय दस्तावेज था। राय ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद वह प्रत्येक आरोप का बिंदुवार जवाब देंगे और उन्हें विश्वास है कि अंत में सच्चाई सामने आएगी।

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अपने बचाव में चंपत राय ने कहा कि उन्हें अक्टूबर 1991 में संगठन द्वारा अयोध्या भेजा गया था और वह पिछले 45 वर्षों से पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन हमेशा एक खुली किताब की तरह रहा है।

इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पुष्टि की है कि चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा अब ट्रस्ट के सदस्य नहीं हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि सोमवार को हुई बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए।

ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी, जिसमें सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी कृष्ण मोहन को महासचिव पद की जिम्मेदारी देने पर फैसला हो सकता है।

एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में मंदिर परिसर में दान राशि की गिनती के दौरान कथित रूप से कर्मचारियों द्वारा नकदी छिपाने के कई मामले सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में गंभीर खामियों का भी उल्लेख किया गया है।

एसआईटी ने करीब 70 संदिग्ध घटनाओं की पहचान की है। जांच में अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे और राम शंकर मिश्रा सहित छह लोगों की प्रथम दृष्टया भूमिका सामने आने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, जांच शुरू होने से पहले कुछ कर्मचारियों से करीब 78.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे। वहीं 4 जून को गिनती कक्ष से लगभग 2.25 लाख रुपये मिले थे।

एसआईटी ने आरोपियों के बैंक खातों की जांच में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक नकद जमा और लेन-देन पाए जाने का भी उल्लेख किया है। साथ ही ट्रस्ट की आंतरिक निगरानी व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा प्रक्रियाओं में सुधार की जरूरत बताई गई है।

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