दो दशक से अधूरी मांग: चांचल के लोगों ने नगरपालिका का दर्जा देने की आवाज उठाई
पश्चिम बंगाल के चांचल में लोग दो दशक से नगरपालिका का दर्जा मांग रहे हैं, खराब बुनियादी सुविधाओं और अधूरे वादों से नाराज नागरिकों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के चांचल कस्बे में नगरपालिका का दर्जा देने की मांग को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले दो दशकों से यह मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन अब तक सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
चांचल के लोगों का आरोप है कि नगरपालिका का दर्जा नहीं मिलने के कारण इलाके में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। सड़कों की खराब स्थिति, जल निकासी की समस्या, स्वच्छता व्यवस्था की कमी और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं में भारी कमी देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने चुनाव के दौरान नगरपालिका का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद इन वादों को भुला दिया गया। उन्होंने इसे "राजनीतिक उपेक्षा" करार दिया और कहा कि सरकार को अब इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
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स्थानीय सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि नगरपालिका बनने से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इस बीच, प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, बढ़ते जनदबाव के बीच यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का केंद्र बन गया है।
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