डिलिमिटेशन विवाद पर बोले चंद्रबाबू नायडू, किसी को नुकसान या अतिरिक्त फायदा नहीं
चंद्रबाबू नायडू ने डिलिमिटेशन विवाद पर विपक्ष को घेरा और कहा कि इससे किसी को नुकसान नहीं होगा। कोयंबटूर में एनडीए के समर्थन में चुनाव प्रचार भी किया।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने डिलिमिटेशन (सीटों के पुनर्निर्धारण) को लेकर चल रहे विवाद पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में किसी को नुकसान नहीं होगा और न ही किसी को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। उन्होंने विपक्षी दलों पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
सोमवार को चंद्रबाबू नायडू तमिलनाडु के कोयंबटूर पहुंचे, जहां उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के समर्थन में प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि डिलिमिटेशन एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य केवल जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व को संतुलित करना है।
नायडू ने कहा कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है और इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक डर फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिलिमिटेशन से किसी राज्य या क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं होगा।
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उन्होंने एनडीए की नीतियों और विकास कार्यों का भी जिक्र करते हुए कहा कि गठबंधन देश के समग्र विकास के लिए काम कर रहा है। तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर भी बात की और लोगों से एनडीए को समर्थन देने की अपील की।
चंद्रबाबू नायडू ने यह भी कहा कि देश को मजबूत और स्थिर नेतृत्व की जरूरत है, और एनडीए इस दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह केवल राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दों को उछाल रहा है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीति के तहत मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।