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महिला आरक्षण बिल रोकना देश के साथ विश्वासघात: निडादवोलु रैली में चंद्रबाबू नायडू का बयान

निडादवोलु में एनडीए रैली के दौरान चंद्रबाबू नायडू ने महिला आरक्षण बिल को रोकने को देश के साथ विश्वासघात और लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को महिला आरक्षण बिल को संसद में रोके जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। निडादवोलु में आयोजित एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे “देश के साथ विश्वासघात” और “भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन” बताया।

चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि महिला आरक्षण बिल महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन इसे रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल को बाधित करना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है और इससे देश की प्रगति पर भी असर पड़ेगा।

रैली के दौरान उन्होंने एनडीए कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर जनता को जागरूक करें और महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐसे विधेयकों का पारित होना जरूरी है।

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नायडू ने यह भी कहा कि देश की जनता इस घटनाक्रम को भूलने वाली नहीं है और भविष्य में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीति महिलाओं के हितों के खिलाफ है।

इस रैली में बड़ी संख्या में एनडीए समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने महिला आरक्षण के समर्थन में नारेबाजी की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और सभी दल अपने-अपने तरीके से इस मुद्दे को उठा रहे हैं।

फिलहाल, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह बहस और तेज होने की संभावना है।

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