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दलाई लामा को मिले ग्रैमी अवॉर्ड पर चीन की कड़ी आपत्ति, कहा– ‘चीन विरोधी गतिविधियों का विरोध’

दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिलने पर चीन ने कड़ा विरोध जताया और आरोप लगाया कि वह इस सम्मान का उपयोग धर्म के नाम पर चीन विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों के लिए करते हैं।

चीन ने तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड दिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बीजिंग ने इस सम्मान की आलोचना करते हुए कहा कि वह दलाई लामा द्वारा इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता का उपयोग “चीन विरोधी गतिविधियों” के लिए किए जाने का कड़ा विरोध करता है। चीन के अनुसार, दलाई लामा धर्म के नाम पर अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, जिसे वह स्वीकार नहीं कर सकता।

दलाई लामा, जिनका पूरा नाम तेनज़िन ग्यात्सो है, ने 68वें वार्षिक ग्रैमी अवॉर्ड्स में पहली बार यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता। उन्हें यह सम्मान ‘बेस्ट ऑडियोबुक, नैरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग’ श्रेणी में उनके स्पोकन-वर्ड एल्बम Meditations: The Reflections of His Holiness the Dalai Lama के लिए दिया गया। यह समारोह अमेरिका के लॉस एंजेलिस में आयोजित किया गया था, जहां विश्व भर के कलाकारों को उनके रचनात्मक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

दलाई लामा की इस उपलब्धि पर जब चीन के विदेश मंत्रालय से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक बार फिर चीन के आधिकारिक रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि चीन दलाई लामा को एक धार्मिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखता है जो कथित तौर पर अलगाववादी गतिविधियों में संलिप्त हैं। प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि दलाई लामा अंतरराष्ट्रीय मंचों और सम्मानों का उपयोग चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ प्रचार के लिए करते हैं।

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चीन का कहना है कि तिब्बत उसका अभिन्न अंग है और इस मुद्दे पर किसी भी तरह के अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप या समर्थन को वह अस्वीकार्य मानता है। बीजिंग ने यह स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसे कदम का विरोध करता रहेगा, जिससे दलाई लामा को वैश्विक मंच पर वैधता या समर्थन मिले।

वहीं, दलाई लामा को मिले इस ग्रैमी अवॉर्ड को उनके अनुयायी और समर्थक आध्यात्मिक संदेश, शांति और करुणा के वैश्विक प्रसार के रूप में देख रहे हैं। उनके एल्बम में ध्यान, आत्मचिंतन और मानवीय मूल्यों पर आधारित विचार प्रस्तुत किए गए हैं, जिन्हें दुनिया भर में सराहना मिली है।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर चीन और दलाई लामा से जुड़े राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव को उजागर कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर दलाई लामा को मिल रहे सम्मानों और चीन की कड़ी प्रतिक्रियाओं के बीच यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।

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