दिल्ली में प्रदर्शन के बीच CJP नेता अभिजीत दिप्के की निवारक गिरफ्तारी, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा रिहा
दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान CJP के अभिजीत दिप्के को BNSS की धारा 126 और 170 के तहत निवारक रूप से गिरफ्तार किया गया, जबकि AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया।
नई दिल्ली में हाल ही में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने CJP के नेता अभिजीत दिप्के को निवारक गिरफ्तारी के तहत हिरासत में लिया है। पुलिस ने उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और धारा 170 के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया।
धारा 126 के तहत पुलिस किसी व्यक्ति को शांति भंग होने की आशंका के आधार पर निवारक कार्रवाई करते हुए बांड भरने का निर्देश दे सकती है, जबकि धारा 170 गिरफ्तारी से जुड़ी प्रक्रियाओं से संबंधित प्रावधान है। प्रदर्शन के दौरान संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने यह कदम उठाया।
इसी कड़ी में, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी प्रदर्शनों के संबंध में हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। दिल्ली में हुए इन प्रदर्शनों के दौरान कई संगठनों के सदस्यों और नेताओं की सक्रियता देखी गई, जिसके बाद पुलिस ने एहतियातन कई कार्रवाइयां कीं।
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अभिजीत दिप्के की गिरफ्तारी को लेकर CJP की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है, संगठन ने इसे प्रदर्शन की आवाज़ दबाने के प्रयास के रूप में देखा है। वहीं नेहा बोरा की रिहाई के बाद AISA के समर्थकों में राहत देखी गई, हालांकि संगठन ने निवारक गिरफ्तारियों की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
दिल्ली पुलिस की ओर से अब तक इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन के मद्देनज़र शहर के कुछ हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। इस दौरान पुलिस ने एहतियात के तौर पर कई लोगों से पूछताछ भी की।
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब दिल्ली में विभिन्न छात्र और सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित प्रदर्शन चर्चा का विषय बने हुए हैं। अभिजीत दिप्के की गिरफ्तारी और नेहा बोरा की रिहाई से जुड़ी घटनाओं ने इन प्रदर्शनों को लेकर प्रशासन के रुख को लेकर बहस छेड़ दी है।
फिलहाल अभिजीत दिप्के की हिरासत की स्थिति को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नज़र रखी जा रही है। संबंधित पक्षों की ओर से आगे की जानकारी सामने आने की प्रतीक्षा है।