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बेरोजगारी और शिक्षा सुधार को लेकर सीजेपी का राष्ट्रव्यापी अभियान, अभिजीत दीपके ने किया क्या बोलती पब्लिक का ऐलान

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने बेरोजगारी, शिक्षा सुधार और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर सितंबर से देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को देशभर में एक नए अभियान की घोषणा की। इस अभियान का नाम ‘क्या बोलती पब्लिक’ रखा गया है। दीपके ने कहा कि सितंबर से सीजेपी देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करेगी और आम लोगों से संवाद स्थापित करेगी। इस अभियान के जरिए बेरोजगारी, शिक्षा सुधार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को पार्टी के एजेंडे में प्रमुख स्थान दिया जाएगा।

हालांकि, अभिजीत दीपके ने साफ किया कि सीजेपी फिलहाल राजनीतिक दल में बदलने के बजाय एक दबाव समूह के रूप में अपनी भूमिका निभाती रहेगी। उन्होंने कहा कि देश में संस्थागत जवाबदेही की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है और यह लोकतंत्र के लिए खतरे का संकेत है।

दीपके ने कहा, “आज हमारे देश में संस्थागत जवाबदेही खतरनाक स्थिति में है। पहले मतदाता सरकार चुनते थे, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि सरकार तय कर रही है कि कौन मतदान करेगा। लोकतंत्र इस तरह काम नहीं कर सकता। हमें चुनाव आयोग की जवाबदेही को मजबूत करना होगा।”

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उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक चुनावों में गड़बड़ी की आशंका बनी रहेगी।

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर टीम की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने बेरोजगारी को देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा रोजगार के बेहतर अवसरों की कमी के कारण निराश हैं और इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की जरूरत है।

दीपके ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में भी बड़े सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा को लाभ कमाने का माध्यम बना दिया गया है, जबकि इसे सभी के लिए सुलभ होना चाहिए।

सीजेपी संस्थापक ने मीडिया की विश्वसनीयता बहाल करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है, लेकिन युवाओं से जुड़े मुद्दों को मुख्यधारा की राजनीति में पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है।

उन्होंने दावा किया कि छात्रों के आंदोलन के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सीजेपी आंदोलन की बड़ी उपलब्धि रही। दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि बेरोजगार युवा भी बड़ी संख्या में शामिल हुए थे।

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