सीजेपी नेताओं की हो सकती है राजनीतिक महत्वाकांक्षा, बोले सोनम वांगचुक; राहुल गांधी से अनशन खत्म कराने के लिए किया गया था संपर्क
सोनम वांगचुक ने सीजेपी से जुड़े युवा नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर बात की। उन्होंने कहा कि आंदोलन गैर-राजनीतिक रहना चाहिए और अनशन खत्म कराने के लिए राहुल गांधी से संपर्क हुआ था।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े युवा नेताओं, उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और अपने अनशन के दौरान राहुल गांधी की संभावित भूमिका को लेकर खुलासा किया है। वांगचुक ने कहा कि युवा नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना कोई गलत बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अभिजीत दिपके और आंदोलन से जुड़े अन्य युवाओं का करीब से आकलन किया है। उनके मुताबिक, इन नेताओं में राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं जरूर हो सकती हैं और उन्हें ऐसा करने का अधिकार भी है। वांगचुक ने कहा कि इन युवाओं को संत समझना उचित नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा और आंदोलन के मंच को राजनीतिक बनाने में अंतर है।
वांगचुक के अनुसार, आंदोलन का मंच एक तटस्थ और गैर-राजनीतिक दबाव समूह के रूप में रहना चाहिए। इससे लोगों का भरोसा कायम रहेगा और आंदोलन अपने उद्देश्यों को अधिक प्रभावी ढंग से हासिल कर सकेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े युवा देश में हो रही घटनाओं पर अपनी आवाज उठाने वाले सामान्य भारतीय युवा हैं।
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सीजेपी और बाहरी प्रभाव के सवाल पर वांगचुक ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि आंदोलन से जुड़े लोग किसी बाहरी ताकत के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन के 94 प्रतिशत अनुयायी भारत से थे, जबकि छह प्रतिशत विदेश से थे।
राहुल गांधी को लेकर वांगचुक ने बताया कि उनके अनशन के 15वें या 16वें दिन आंदोलन की सफलता को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई थी। ऐसे में अनशन समाप्त करने की रणनीति पर चर्चा हुई। विचार था कि प्रदर्शनकारियों को संसद ले जाया जाए और विपक्ष के नेता राहुल गांधी जूस या सूप देकर उनका अनशन खत्म कराएं। इसके बाद आंदोलन की मांगें संसद को सौंप दी जाएं।
वांगचुक ने दावा किया कि इस प्रस्ताव को लेकर राहुल गांधी से संपर्क किया गया, लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी खुद आंदोलन में शामिल होते, तो प्रदर्शन काफी बड़ा हो सकता था। वांगचुक ने यह भी दावा किया कि कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने उन्हें बताया था कि उन्हें आंदोलन में शामिल नहीं होने के लिए कहा गया था।
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